एक $8 \mathrm{~kg}$ द्रव्यमान की एक वस्तु $1 \mathrm{~m}$ लंबी एवं 2 $\mathrm{kg}$ द्रव्यमान वाली किसी एक समान छड़ $\mathrm{CD}$ के एक सिरे से लटक रही है, जो कि अपने दूसरे सिरे $\mathrm{C}$ पर एक ऊर्ध्वाधर दीवार के सहारे धुरी पर चित्र में दर्शाये अनुसार लगी हुई है। इसे एक केबल (तार) $\mathrm{AB}$ से इस तरह सहारा दिया हुआ है कि निकाय साम्यावस्था में है। केबल में तनाव है: (यदि गुरूत्वीय त्वरण $\mathrm{g}=10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^2$ )

214365-q

  • [JEE MAIN 2023]
  • A

    $240$ $N$

  • B

    $90$ $N$

  • C

    $300$ $N$

  • D

    $30$ $N$

Similar Questions

एक एकसमान छड़ $AB$ को चित्रानुसार बिन्दु $X$, जो कि $A$ से $x$ दूरी पर है, से लटकाया जाता है। इस छड़ को क्षैतिज रखने के लिये उसके सिरे $A$ से एक द्रव्यमान $m$ को लटकाते है। इस तरह $( m , x)$ मानों का एक समूह प्राप्त होता है। इस समूह से उचित चर, जिनको आलोखित करने से एक सीधी रेखा प्राप्त हो, होंगे

  • [JEE MAIN 2018]

एक निर्देश तंत्र जो एक जड़त्वीय निर्देश तंत्र की तुलना में त्वरित हो, अजड़त्वीय निर्देश तंत्र कहलाता है। स्थिर कोणीय वेग $\omega$ से घूमती हुई डिस्क पर बद्ध (fixed) निर्देश तंत्र अजड़त्वीय तंत्र का एक उदाहरण है। $m$ द्रव्यमान का एक कण घूमती हुई डिस्क पर गतिमान है। गतिमान कण डिस्क पर बद्ध निर्देश तंत्र के सापेक्ष बल $\vec{F}_{\text {rot }}$ तथा एक जड़त्वीय निर्देश तंत्र के सापेक्ष बल $\vec{F}_{\text {in }}$ को महसूस करता है। $\vec{F}_{\text {rot }}$ और $\vec{F}_{\text {in }}$ के बीच का संबंध निम्नलिखित समीकरण में दिया गया है

$\vec{F}_{\text {rot }}=\vec{F}_{\text {in }}+2 m\left(\vec{v}_{\text {rot }} \times \vec{\omega}\right)+m(\vec{\omega} \times \vec{r}) \times \vec{\omega},$

यहाँ पर $\vec{v}_{\text {rot }}$ घूमते हुए निर्देश तंत्र में कण का वेग है तथा $\vec{r}$ कण का डिस्क के मध्य बिन्दु के सापेक्ष स्थिति सदिश (position vector) है।

मानिए कि $R$ त्रिज्या की एक डिस्क, जिसमें व्यास के समानान्तर एक घर्षणरहित खाँचा है, एक स्थिर कोणीय गति $\omega$ से अपने अक्ष पर वामावर्त दिशा में घूम रही है। एक निर्देश तंत्र मानिए जिसका मूलबिंदू डिस्क के मध्य बिन्दु पर है एवं $x$-अक्ष खाँचे के समानान्तर है, $y$-अक्ष खाँचे के अभिलम्ब पर है एवं $z$-अक्ष घूमने वाली अक्ष के समानान्तर है $(\vec{\omega}=\omega \hat{k}) । m$ द्रव्यमान वाले एक छोटे गुटके को समय $t=0$ पर $\vec{r}=(R / 2) \hat{i}$ बिन्दु पर धीरे से इस तरह से रखा जाता है कि वो सिर्फ खाँचे में ही चल सके।

($1$) समय $t$ पर गुटके की दूरी $r$ का मान है:

$(A)$ $\frac{R}{4}\left(e^{\omega t}+e^{-\omega t}\right)$

$(B)$ $\frac{R}{2} \cos \omega t$

$(C)$ $\frac{R}{4}\left(e^{2 \omega t}+e^{-2 \omega t}\right)$

$(D)$ $\frac{R}{2} \cos 2 \omega t$

($2$) गुटके पर डिस्क की नेट प्रतिक्रिया (net reaction) है:

$(A)$ $\frac{1}{2} m \omega^2 R\left(e^{2 \omega t}-e^{-2 \omega t}\right) \hat{j}+m g \hat{k}$

$(B)$ $\frac{1}{2} m \omega^2 R\left(e^{\omega t}-e^{-\omega t}\right) \hat{j}+m g \hat{k}$

$(C)$ $-m \omega^2 R \cos \omega t \hat{j}-m g \hat{k}$

$(D)$ $m \omega^2 R \sin \omega t \hat{j}-m g \hat{k}$

दिये गए सवाल का जवाब दीजिये ($1$) और ($2$)

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एक त्रिज्या $R$ तथा द्रव्यमान $M$ की एकसमान डिस्क केवल अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के लिये स्वतंत्र है। चित्रानुसार इस डिस्क की परिधि पर एक डोरी लपेटकर, डोरी के स्वतंत्र सिरे से एक द्रव्यमान $m$ को बाँधा गया है। यदि द्रव्यमान को स्थिरावस्था से छोड़ा जाता है तो उसका त्वरण होगा

  • [JEE MAIN 2017]

एक $200$ से.मी. लम्बाई तथा $500$ ग्राम द्रव्यमान की समान छड़ एक वेज के $40$ से.मी. निशान पर संतुलित होती है। एक $2$ कि.ग्रा. का द्रव्यमान छड़ से $20$ से.मी. पर निलम्बित किया जाता है तथा दूसरा अज्ञात द्रव्यमान $'\mathrm{m}'$ छड़ से $160$ से.मी. निशान से निलम्बित किया जाता है। ज्ञात कीजिए $'\mathrm{m}'$ का मान जिससे छड़ संतुलन अवस्था में रहे। $\left(\mathrm{g}=10\right.$ मी./से. ${ }^{2}$ )

  • [NEET 2021]

$70$ सेंटीमीटर लंबी और $4.00\, kg$ द्रव्यमान की धातु की छड़ के दोनों सिरों से $10$ सेंटीमीटर दूर रखे दो क्षुर-धारों पर टिकी है। इसके एक सिरे से $40$ सेंटीमीटर की दूरी पर $6.00\, kg$ द्रव्यमान का एक भार लटकाया गया है। क्षुर-धारों पर लगने वाले प्रतिक्रिया बलों की गणना कीजिए। (छड़ को समांग और समान अनुप्रस्थ काट वाली मान सकते हैं।)