किसी साबुन के बुलबुले के अंदर के दाब आधिक्य को $2$ मिमी ऊँचाई के तेल-स्तंभ द्वारा संतुलित किया गया है, तब साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव होगा ($r = 1$ सेमी तथा घनत्व $d = 0.8$ ग्राम/सेमी${^3}$)
$3.9$ न्यूटन/मी
$3.9 ×10^{-2}$ न्यूटन/मी
$3.9 ×10^{-3}$ न्यूटन/मी
$3.9$ डाइन/मी
काँच की नली के एक सिरे पर साबुन के घोल के बुलबुले को धीरे-धीरे किसी यांत्रिक पंप की सहायता से बढ़ाया जाता है। पंप प्रति सैकण्ड वायु के निश्चित आयतन को बुलबुले में भरता है, चाहे बुलबुले में दाब कुछ भी हो। बुलबुले में अतिरिक्त दाब $\Delta P$, समय $t$ के साथ निम्न ग्राफ के अनुसार परिवर्तित होगा
झील की तली से सतह तक आने में हवा के बुलबुले का आयतन तीन गुना बढ़ता है। यदि वायुमण्डलीय दाब $75$ सेमी पारे के स्तम्भ के बराबर तथा पानी का घनत्व पारे के घनत्व का $1/10$ हो तब झील की गहराई ...... $m$ होगी
साबुन के एक बुलबुले में दाब आधिक्य साबुन के दूसरे बुलबुले का $3$ गुना है, उनके आयतनों का अनुपात है
पृष्ठीय तनाव $2.5 \times 10^{-2}\; N / m$ के किसी डिटरजैन्ट विलयन से 1 mm त्रिज्या का कोई साबुन का बुलबुला फुलाया गया है। इस बुलबुले के भीतर का दाब किसी पात्र में भरे जल के मुक्त पृष्ठ के नीचे किसी बिन्दु Z 0 पर दाब के बराबर है। g = 10 m / s 2 तथा जल का घनत्व = 10 3 k g / m 3 लेते हुए, Z 0 का मान है
एक $0.7$ सेमी व्यास वाले साबुन के घोल के बुलबुले के अन्दर वायु का दाब, बाहर के दाब से $8$ मिमी पानी के बराबर अधिक है। साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव ........ डाइन/सेमी होगा