यदि एक प्रक्षेप्य का प्रारम्भिक वेग दोगुना कर दिया जावे तथा प्रक्षेपण कोण वही रहे, तो उसकी महत्तम ऊँचाई
अपरिवर्तित रहती है
देागुनी हो जाती है
चार गुनी हो जाती है
आधी हो जाती है
प्रक्षेप्य के उच्चतम बिन्दु पर उसकी
एक वस्तु क्षैतिज से $30^o$ के कोण पर $9.8$ मीटर/सैकण्ड के वेग से प्रक्षेपित की जाती है। यह ....... $s$ समय बाद पृथ्वी तल से टकरायेगी
वायु प्रतिरोध को नगण्य मानकर किसी प्रक्षेप्य के पथ को चित्र में बिन्दुकित (Dotted) रेखा से दर्शाया गया है। यदि वायु प्रतिरोध को नगण्य न माना जाये तो चित्र में प्रदर्शित कौन सा अन्य मार्ग प्रक्षेप्य पथ को इंगित करेगा
कोई लडाकू जहाज $1.5\, km$ की ऊंचाई पर $720\, km / h$ की चाल से क्षैतिज दिशा में उड़ रहा है और किसी वायुयान भेदी तोप के ठीक ऊपर से गुजरता है । ऊध्वाधर से तोप की नाल का क्या कोण हो जिससे $600\, m\, s ^{-1}$ की चाल से दागा गया गोला वायुमान पर वार कर सके । वायुयान के चालक को किस न्यूनतम ऊंचाई पर जहाज को उड़ाना चाहिए जिससे गोला लगने से बच सके। $\left(g=10 m s ^{-2}\right)$