दो एकसमान धातु प्लेटों पर क्रमश: धन आवेश ${Q_1}$, ${Q_2}$, ${Q_3}$ व ${Q_4}$ दिये गये हैं। अब यदि इन प्लेटों को पास लाकर $C$  धारिता का समान्तर पट्टिका संधारित्र बनाया जाता है, तब प्लेटों के बीच विभवान्तर होगा

115-58

  • [IIT 1999]
  • A

    $\frac{{{Q_1} + {Q_2} + {Q_3} + {Q_4}}}{{2C}}$

  • B

    $\frac{{{Q_2} + {Q_3}}}{{2C}}$

  • C

    $\frac{{{Q_2} - {Q_3}}}{{2C}}$

  • D

    $\frac{{{Q_1} + {Q_4}}}{{2C}}$

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एक समान्तर-पट्ट संधारित्र की धारिता $12\,\mu \,F$ है। यदि प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी एवं इनका क्षेत्रफल आधा कर दिया जाये जो नई धारिता ........$\mu \,F$ होगी

एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता $15\,\mu \,F$ है, जबकि इसके प्लेटों के बीच की दूरी $6\,cm$ है। यदि प्लेटों के बीच की दूरी घटाकर $2\,cm$ कर दी जाये, तो अब इस संधारित्र की धारिता .........$\mu \,F$ होगी

एक गोलीय संधारित्र में बाहरी गोले की त्रिज्या $R$ है। बाहरी और भीतरी गोलों की त्रिज्याओं का अन्तर $x$ है, तो उसकी धारिता समानुपाती है

किसी चालक को दिया गया विभव, निर्भर करता है

दो एकसमान धातु की पतली प्लेटों पर क्रमशः $q _1$ और $q _2$ आवेश इस प्रकार है कि $q _1 > q _2 \mid C$ धारिता का एक समानान्तर पट्टिका संधारित्र बनाने के लिए दोनों प्लेटें एक-दूसरे के पास लायी जाती हैं, तो दोनों के बीच विभवान्तर है :

  • [JEE MAIN 2022]