बेनब्रिज $(Bainbridge)$ द्रव्यमान स्पेक्ट्रोग्राफ में दो प्लेटों के बीच की दूरी $1 cm$ है तथा इसके बीच $\,1000 V$ विभवान्तर का विद्युत क्षेत्र एवं $B = 1T$ का चुम्बकीय क्षेत्र आरोपित किया जाता है। तो धनात्मक (अविचलित) आयन का वेग होगा
${10^7}m/s$
${10^4}m/s$
${10^5}m/s$
${10^2}m/s$
$\frac{e}{m}$ ज्ञात करने के थॉमसन प्रयोग में, $2.5$ $kV$ से त्वरित इलेक्ट्रॉन, अभिलम्बवत् विद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्र जिनकी तीव्रताऐं क्रमश: $3.6 \times {10^4}V{m^{ - 1}}$ व $1.2 \times {10^{ - 3}}T$ हैं, के क्षेत्र में प्रवेश करता है, तथा अविचलित रहता है। इलेक्ट्रॉन के लिए $\frac{e}{m}$ का मापा गया मान होगा
मिलिकन के तेल बूँद प्रयेाग में तेल बूंद का द्रव्यमान $16 \times {10^{ - 6}}kg$ है एवं यह बूँद ${10^6}V/m$ के विद्युत क्षेत्र में संतुलित की जाती है। बूँद पर कूलॉम में आवेश क्या होगा, जबकि $g = 10\,m/{s^2}$ है
इलेक्ट्रॉन पर आवेश की खोज किसके द्वारा की गई
कैथोड किरणें उतपन्न होती हैं यदि दाब की कोटि हो
किसी इलेक्ट्रॉन गन में नियंत्रण ग्रिड को कैथोड के सापेक्ष ऋणात्मक विभव प्रदान किया गया है