इलेक्ट्रॉन पर आवेश की खोज किसके द्वारा की गई
जे. जे. थॉमसन
नील्स बोहर
मिलीकन
चेडविक
थॉमसन के द्रव्यमान स्पेक्ट्रोग्राफ में विद्युत क्षेत्र एवं चुम्बकीय क्षेत्र आरोपित किया जाता है
कैथोड किरणें एवं कैनाल किरणें एक विसर्जन नलिका में उत्पन्न होती हैं, एक ही दिशा में विक्षेपित होंगी यदि
एक इलेक्ट्रॉन $200$ वोल्ट विभवान्तर से त्वरित होता है। यदि इलेक्ट्रॉन के लिए $\frac{e}{m} = 1.6 \times {10^{11}}$ $C/kg$ हो तो इलेक्ट्रॉन द्वारा प्राप्त वेग होगा
कैथोड किरण की कण प्रकृति सिद्ध होने का कारण है
जब इलेक्ट्रॉन का पुँज वैद्युत क्षेत्र से गुजरता है तब उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। यदि यही पुँज चुम्बकीय क्षेत्र में से गुजरे तब