प्रकाश विद्युत प्रभाव में, धात्विक सतह से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा निर्भर करती है

  • A

    प्रकाश की तीव्रता पर

  • B

    प्रकाश की आवृत्ति पर

  • C

    प्रकाश के वेग पर

  • D

    प्रकाश की तीव्रता एवं वेग दोनों पर

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यदि फोटो सेल में निर्वात् के स्थान पर कोई अक्रिय गैस भर दी जाती है, तो

$632.8\, nm$ तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश एक हीलियम-नियॉन लेसर के द्वारा उत्पन्न किया जाता है। उत्सर्जित शक्ति $9.42\, mW$ है।

$(a)$ प्रकाश के किरण-पुंज में प्रत्येक फ़ोटॉन की ऊर्जा तथा संवेग प्राप्त कीजिए,

$(b)$ इस किरण-पुंज के द्वारा विकिरित किसी लक्ष्य पर औसतन कितने फ़ोटॉन प्रति सेकंड पहुँचेंगे? ( यह मान लीजिए कि किरण-पुंज की अनुप्रस्थ काट एकसमान है जो लक्ष्य के क्षेत्रफल से कम है ), तथा

$(c)$ एक हाइड्रोजन परमाणु को फ़ोटॉन के बराबर संवेग प्राप्त करने के लिए कितनी तेज़ चाल से चलना होगा?

मानव नेत्र के द्वारा संसूचित $(detect)$ की जा सकने वाली प्रकाश की न्यूनतम तीव्रता ${10^{ - 10}}W/{m^2}$ है। दिखायी देने के लिये ${10^{ - 6}}{m^2}$ क्षेत्रफल वाली आंख की पुतली में प्रति सैकण्ड प्रवेश करने वाले फोटॉनों की संख्या लगभग होगी (जबकि फोटॉन की तरंगदैध्र्य$\lambda  =5.6 \times {10^{ - 7}}m$ है)

निर्वात में फोटॉन के वेग ओर आवृत्ति के मध्य खींचा गया वक्र

एक अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में मुक्त रूप से तैर रहा है। उसने अपनी फ्लैश लाइट को रॉकेट की भांति उपयोग में लाने के लिये सोचा। उसने एक निश्चित दिशा में $10\, W$ का प्रकाश पुंज प्रकाशित किया जिससे उसे अंतरिक्ष विपरीत दिशा में संवेग प्राप्त होता है। यदि इस अंतरिक्षयात्री का द्रव्यमान $80\, kg$ है तो उसे $1\, ms^{-1}$ का वेग प्राप्त होने में कितना समय लगेगा