Searle's प्रयोग द्वारा यंग प्रत्यास्थता गुणांक, $\left(Y=\frac{4 MLg }{\pi / d^2}\right)$ निकालने के लिए एक $L=2 \ m$ लंबे व $d=0.5 \ mm$ व्यास के तार का उपयोग किया गया है। भार $M=2.5 \ kg$ लगाने पर तार की लम्बाई में । $=0.25 \ mm$ की वद्धी हुई । $d$ और $l$ को नापने के लिए क्रमशः स्कूरेंज और माइक्रोमीटर का प्रयोग किया गया। दोनों के पिच $0.5 \ mm$ एवं दोनों के सरकुलर स्केल पर $100$ निशान है। $Y$ के निकाले गये मान में अधिकतम प्रसंभाव्य त्रुटि में

  • [IIT 2012]
  • A

    $d$ और $।$ की मापों में त्रुटियों का अंशदान बराबर है।

  • B

    $d$ की माप में त्रुटि का अशंदान $।$ की माप में त्रुटि के अशंदान की तुलना में दुगुना है।

  • C

    $।$ की माप में त्रुटि का अशंदान $d$ की माप में त्रुटि के अशदान की तुलना में दुगुना है।

  • D

    $d$ की माप में त्रुटि का अशदान $।$ की माप में त्रुटि में अशंदान की तुलना में चौगुना है।

Similar Questions

निम्न प्रेक्षणों को कंशिकीय विधि से पानी का पृष्ठ तनाव $T$ नापने के लिये प्रयोग किया जाता है।

कंशिकीय नली का व्यास, $D=1.25 \times 10^{-2}\, m$

पानी का चढ़ाव, $h=1.45 \times 10^{-2}\, m$

$g=9.80 \,m / s ^{2}$ तथा सरलीकृत सम्बन्ध $T=\frac{ rhg }{2} \times 10^{3} \,N / m$, को उपयोग करते हुए पृष्ठ तनाव में सम्भावित त्रुटि का निकटतम मान ......... $\%$ होगा

  • [JEE MAIN 2017]

एक $1\,m$ यथार्थ लम्बाई के तार के यंग नियतांक ज्ञात करने के प्रयोग में, जब एक $1\,kg$ द्रव्यमान का भार लगाया जाता है, तो तार की लम्बाई में $\pm 0.02\,mm$ की अनियतता के साथ $0.4\,mm$ की वृद्धि मापी जाती है। तार का व्यास $\pm 0.01\,mm$ की अनियतता के साथ $0.4\,mm$ मापा जाता है। यदि यंग नियतांक मापने में आयी त्रुटि $(\Delta Y )$ $x \times 10^{10} Nm ^{-2}$ है, तो $x$ का मान होगा। [माना $g =10\,m / s ^2$ ]

  • [JEE MAIN 2022]

गोले की त्रिज्या $(5.3 \pm 0.1) \,cm$ है तो आयतन में प्रतिशत त्रुटि होगी

ऊष्मा के जूल नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा $H = {I^2}\,Rt$ जहाँ $I$ धारा, $R$ प्रतिरोध तथा $t$ समय है। यदि $I, R$ तथा $t$ के मापन में त्रुटियाँ क्रमश: $3\%, 4\%$ तथा $6\%$ हैं तो $H$ के मापन में त्रुटि है

दो प्रतिरोधक $R _{1}=(4 \pm 0.8)\, \Omega$ तथा $R _{2}=(4 \pm 0.4)\, \Omega$ समान्तर क्रम में जुड़े हैं। उनके समान्तर क्रम संयोजन का तुल्य प्रतिरोध है।

  • [JEE MAIN 2021]