माना $a_1, a_2, a_3, \ldots$ वर्धमान धनात्मक संख्याओं की एक $G.P.$ है। माना इसके छठे और आठवें पदों का योग $2$ है तथा इसके तीसरे और पाँचवें पदों का गुणनफल $\frac{1}{9}$ है। तो $6\left(a_2+a_4\right)\left(a_4+a_6\right)$ बराबर है।
$2 \sqrt{2}$
$2$
$3 \sqrt{3}$
$3$
यदि किसी अनन्त गुणोत्तर श्रेणी के पदों का योग व इसके पदों के वर्गो का योग $3$ हो, तो प्रथम श्रेणी का सार्व-अनुपात है
संख्याओं $1$ व $64$ के मध्य दो गुणोत्तर माध्य क्रमश: होंगे
एक व्यक्ति अपने चार मित्रों को पत्र लिखता है। वह प्रत्येक को उसकी नकल करके चार दूसरे व्यक्तियों को भेजने का निर्देश देता है, तथा उनसे यह भी करने को कहता हैं कि प्रत्येक पत्र प्राप्त करने वाला व्यक्ति इस शंखला को जारी रखे। यह कल्पना करके कि शृखला न टूटे तो $8$ वें पत्रों के समूह भेजे जाने तक कितना डाक खर्च होगा जबकि एक पत्र का डाक खर्च $50$ पैसे है।
$0.\mathop {234}\limits^{\,\,\, \bullet \,\, \bullet } $ का मान होगा
$2, 14, 62$ में क्या जोड़ें, कि वे गुणोत्तर श्रेणी में हो जायें