वेग $(\sqrt{3} \hat{ i }+\hat{ j }) ms ^{-1}$ से गतिशील द्रव्यमान $m _{1}$ का एक कण
$A$ विश्राम अवस्था में द्रव्यमान $m _{2}$ के एक कण $B$ से संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात कणों $A$ एवं $B$ के वेग क्रमशः $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ है। यदि $m _{1}=2 m _{2}$ एवं संघट्ट के पश्चात $\overrightarrow{ V }_{1}=(\hat{ i }+\sqrt{3} \hat{ j }) ms ^{-1}$ तब $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ के बीच कोण $......^o$ है।
$60$
$15$
$-45$
$105$
$10$ ग्राम की एक गोली को $1$ किग्रा द्रव्यमान की बंदूक से दागा जाता है। यदि प्रतिक्षेपण वेग का मान $5$ मी/सै हो तब गोली का अग्र वेग ........ $m/s$ है
$'4 \,g'$ द्रव्यमान की किसी गोली को $4 \,kg$ द्रव्यमान की किसी बंदूक से दागा गया है। यदि गोली $50 \, ms ^{-1}$ की चाल से गति करती है, तो बंदूक को प्रदान किया गया आवेग तथा बंदूक का प्रतिक्षेप वेग है।
$1 \mathrm{~m}$ लंबाई के सरल लोलक में $1 \mathrm{~kg}$ द्रव्यमान का लकड़ी का एक गोलक है। यह $2 \times 10^2 \mathrm{~ms}$ ! की चाल से गतिमान $10^{-2} \mathrm{~kg}$ द्रव्यमान की एक गोली द्वारा टकराता है। गोली गोलक में धँस जाती है। गोलफ पापसा झूलने से पूर्प फिरा ऊँपाई सफल ऊपर पहुँचता है (दिया है : $\mathrm{g}=10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^2$ )
किसी निकाय का संवेग संरक्षित रहता है
विस्फोट होने से एक शिला तीन टुकड़ों में फट जाती है। इनमें से दो टुकड़े परस्पर लम्बव्त दिशाओं में जाते हैं। ये दोनों हैं, $12$ मी/से वेग से चलता हुआ $1$ किग्रा का पहला टुकड़ा तथा $8$ मी/से वेग से चलता हुआ $2$ किग्रा. का दूसरा टुकड़ा। यदि तीसरा टुकड़ा $4$ मी./से. वेग से चला हो, तो उसका द्रव्यमान.........$kg$ होगा