एक पिण्ड की स्थिति, जो त्वरण 'a' से गतिशील है, व्यंजक $x = K{a^m}{t^n}$ से प्रदर्शित है, जहाँ t समय है। $m$ एवं $n$ की विमा होगी
$m = 1$, $n = 1$
$m = 1,\;n = 2$
$m = 2,\;n = 1$
$m = 2,\;n = 2$
तार के कम्पन की आवृत्ति $\nu = \frac{p}{{2l}}{\left[ {\frac{F}{m}} \right]^{1/2}}$ से दी जाती है। यहाँ $p$ तार के लूपों की संख्या एवं l लम्बाई है। $ m$ का विमीय सूत्र होगा
मात्रकों की किसी पद्धति में यदि बल $(F)$, त्वरण $(a)$ एवं समय $(T) $ को मूल मात्रक माना जाये तो ऊर्जा का विमीय-सूत्र होगा
यदि लम्बाई की विमायें ${G^x}{c^y}{h^z}$ से प्रदर्शित की जाती हैं, जहाँ $G,\,c$ और $h$ क्रमश: सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक, प्रकाश का वेग और प्लांक नियतांक हैं, तो
यदि बल $( F )$, लम्बाई $( L )$ तथा समय $( T )$ मूल राशियाँ हैं तब घनत्व की विमा क्या होगी ?