एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता $15\,\mu \,F$ है, जबकि इसके प्लेटों के बीच की दूरी $6\,cm$ है। यदि प्लेटों के बीच की दूरी घटाकर $2\,cm$ कर दी जाये, तो अब इस संधारित्र की धारिता .........$\mu \,F$ होगी
$15$
$30$
$45$
$60$
दो एकसमान धातु की पतली प्लेटों पर क्रमशः $q _1$ और $q _2$ आवेश इस प्रकार है कि $q _1 > q _2 \mid C$ धारिता का एक समानान्तर पट्टिका संधारित्र बनाने के लिए दोनों प्लेटें एक-दूसरे के पास लायी जाती हैं, तो दोनों के बीच विभवान्तर है :
$500\, \mu F$ धारिता के एक संधारित्र को $100\, \mu C/sec$ की दर से आवेशित करने पर कितने समयान्तराल पश्चात् इस पर $10\, V$ विभव आ.......$sec$ जायेगा
निम्न का उत्तर दीजिए :
$(a)$ पृथ्वी के पृष्ठ के सापेक्ष वायुमंडल की ऊपरी परत लगभग $400\, kV$ पर है, जिसके संगत विध्यूत क्षेत्र ऊँचाई बढ़ने के साथ कम होता है। पृथ्वी के पृष्ठ के समीप विध्यूत क्षेत्र लगभग $100 V m ^{-1}$ है। तब फिर जब हम घर से बाहर खुले में जाते हैं, तो हमें विध्यूत आघात क्यों नहीं लगता? ( घर को लोहे का पिंजरा मान लीजिए, अतः उसके अंदर कोई विध्यूत क्षेत्र नहीं है !
$(b)$ एक व्यक्ति शाम के समय अपने घर के बाहर $2\, m$ ऊँचा अवरोधी पट्ट रखता है जिसके शिखर पर एक $1 \,m ^{2}$ क्षेत्रफल की बड़ी ऐलुमिनियम की चादर है। अगली सुबह वह यदि धातु की चादर को छूता है तो क्या उसे विध्यूत आघात लगेगा?
$(c)$ वायु की थोड़ी-सी चालकता के कारण सारे संसार में औसतन वायुमंडल में विसर्जन धारा $1800\, A$ मानी जाती है। तब यथासमय वातावरण स्वयं पूर्णत: निरावेशित होकर विध्यूत उदासीन क्यों नहीं हो जाता? दूसरे शब्दों में, वातावरण को कौन आवेशित रखता है?
$(d)$ तड़ित के दौरान वातावरण की विध्यूत ऊर्जा, ऊर्जा के किन रूपों में क्षयित होती है?
भौतिक राशियाँ $X$ और $Y$ क्या निरूपित करती हैं ($Y$ को प्रथम राशि माना गया है)
$C$ धारिता पर $V$ विभव की $64$ बूँदें मिलाकर एक बड़ी बूँद बनायी जाती है। यदि प्रत्येक छोटी बूँद पर $q$ आवेश हो, तो बड़ी बूँद पर आवेश होगा