एक काँच पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $153 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ एवं स्टील पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $144 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ है। यदि स्टील के लिए a का मान $12 × 10 {^{-6}}{°C^{-1}}$ हो, तब ग्लास के लिए $\alpha$ का मान होगा
$9 \times 10^{-6} /{ }^{\circ} C$
$6 \times 10^{-6} /{ }^{\circ} C$
$36 \times 10^{-6} /{ }^{\circ} C$
$27 \times 10^{-6} /{ }^{\circ} C$
एक $100\;cm$ घात्विक छड़ को $0°C$ से $100°C$ तक गर्म करने पर इसकी लम्बाई $0.19\, cm$ से बढ़ जाती है, तो धातु का आयतन प्रसार गुणांक है
मरकरी का आयतन प्रसार गुणांक $18 \times 10^{-5}{°C^{-1}}$ है। एक थर्मामीटर के बल्व का आयतन $10^{-6} m^3$ एवं दण्डी का अनुप्रस्थ काट $ 0.004\, cm^2$ है। यह मानते हुए कि बल्ब $0°C$ पर मरकरी से भरा हुआ है, तब मरकरी स्तम्भ की $100°C$ पर लम्बाई होगी
एक $L_0$ लम्बाई की बेलनाकार घात्विक छड़ को एक वलय के रूप में थोड़े से गेप के साथ मोड़ा गया है। इसको गर्म करने पर
एक समरूप धातु छड़ को एक दण्ड पेण्डुलम के रूप में उपयोग किया जाता है। यदि कमरे का ताप $10°C$ से बढ़ जाता है एवं धातु का रेखीय प्रसार गुणांक $2 \times 10^{-6}$ प्रति $°C$ हो तब पेण्डुलम के आवर्तकाल में प्रतिशत वृद्धि होगी
एक ठोस गेंद के अन्दर एक संकेन्द्रीय गुहिका है। यदि गेंद को गर्म किया जाये, तब गुहिका का आयतन