दाब बढ़ाने पर द्रव का गलनांक घटता हैं यदि द्रव
जमने पर फैलता है
जमने पर सिकुड़ता है
जमने पर आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता
उपरोक्त में से कोई नही
एक वायुरुद्ध (air tight) पात्र में किसी गैस को $25°C$ से $90°C$ तक गर्म किया जाता है। गैस का घनत्व
कोई द्विधात्विक पट्टिका दो धातुओं $A$ तथा $B$ से बनी है। इसे आरेख में दर्शाए अनुसार दढ़तापूर्वक आरोपित किया गया है। धातु $A$ का प्रसार गुणांक धातु $B$ की तुलना में अधिक है। जब इस द्विधात्विक पट्टिका को किसी शीत पात्र में रखा जाता है, तो यह पट्टिका।
एक पीतल की चकती एक स्टील की प्लेट में बने छिद्र में सही फिट है। चकती को छिद्र में से बाहर निकाला जा सकता है यदि इस निकाय को
सामान्य दाब एवं $20°C$ ताप पर एक गैस का आयतन $100\, cm^3$ है। यदि $100°C$ तक गर्म किया जाये, तब इसका आयतन समान दाब पर $125\, cm $${^3}$ हो जाता है। तब सामान्य दाब पर गैस का आयतन प्रसार गुणांक है
एक समरूप धातु छड़ को एक दण्ड पेण्डुलम के रूप में उपयोग किया जाता है। यदि कमरे का ताप $10°C$ से बढ़ जाता है एवं धातु का रेखीय प्रसार गुणांक $2 \times 10^{-6}$ प्रति $°C$ हो तब पेण्डुलम के आवर्तकाल में प्रतिशत वृद्धि होगी