बिन्दु $\mathop r\limits^ \to = (3\hat i + 2\hat j + 3\hat k)\,m$ पर कार्य करने वाला एक बल $\mathop F\limits^ \to = (2\hat i - 3\hat j + 4\hat k\,)\,N$ का मूल बिन्दु के परित: आघूर्ण होगा

  • A

    $6\hat i - 6\hat j + 12\hat k$

  • B

    $17\hat i - 6\hat j - 13\hat k$

  • C

    $ - 6\hat i + 6\hat j - 12\hat k$

  • D

    $ - 17\hat i + 6\hat j + 13\hat k$

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$20\,gm,\,30\,gm$ एवं $50\,gm$ द्रव्यमान वाले तीन कणों के वेग क्रमश: $10\,\hat i,\,\,10\hat j$ एवं $\,10\,\hat k$ हैं। इन तीन कणों के द्रव्यमान-केन्द्र का वेग है

एक ठोस गोला, खोखला गोला तथा वलय, घर्षण विहीन नत समतल के उच्च बिन्दु से छोड़ दिए जाते है, जिससे वे तल पर नीचे की ओर फिसलते है। तल के अनुदिश नीचे की ओर त्वरण का मान किसके लिए अधिकतम है

$M$ द्रव्यमान तथा $r$ त्रिज्या की एक पतली वृत्ताकार वलय नियत कोणीय वेग $ \omega $ से घूम रही है। वलय के व्यास के दोनों सिरों पर दो कण, प्रत्येक $m$ द्रव्यमान का, जोड़ दिये जाते हैं। वलय का कोणीय वेग अब होगा

एक तख़्ता (plank) क्षैतिज दिशा में अचर त्वरण $a \hat{\imath}$ से गतिमान है। एक एकसमान खुरदुरा (rough) घनाकार गुटका (block) जिसकी एक भुजा $l$ है, तख्त्ते पर रखा हुआ है और तख्ते की तुलना में विरामावस्था में है। किसी दिये हुए समय पर गुटके का द्रव्यमान केंद्र $(0, l / 2)$ बिन्दु पर है। यदि $a=g / 10$ है तो तख्ते के द्वारा गुटके पर उस समय आरोपित अभिलम्ब बल किस बिन्दु पर लगेगा?

  • [KVPY 2018]

$ 50 $ ग्राम द्रव्यमान एवं $ 2.5\,cm $ त्रिज्या वाली चकती की, इसके तल के लम्बवत एवं गुरुत्व केन्द्र से गुजरने वाली अक्ष के परित: घूर्णन त्रिज्या ....... $cm$ है