दो छोटी गेंदें जिनमें प्रत्येक पर $ + Q$ कूलॉम धन आवेश है, एक स्टैण्ड के हुक से बराबर लम्बाई $L$ मीटर की दो विद्युतरोधी डोरियों से लटकाई गई हैं। इस समायोजन को एक उपग्रह में रखकर अंतरिक्ष में जहाँ गुरुत्वाकर्षण नहीं है, ले जाया जाता है। दोनों डोरियों के बीच कोण तथा डोरियों में तनाव होगा
${180^o},\,\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{{{Q^2}}}{{{{(2L)}^2}}}$
${90^o},\,\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{{{Q^2}}}{{{L^2}}}$
${180^o},\,\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{{{Q^2}}}{{2{L^2}}}$
${180^o},\,\frac{1}{{4\pi {\varepsilon _0}}}\frac{{{Q^2}}}{{{L^2}}}$
समान परिमाण के दो आवेश एक दूसरे से $r$ दूरी पर स्थित हैं और इनके मध्य कार्यरत बल $F$ है। यदि आवेशों के मान आधे कर दिये जायें एवं इनके मध्य की दूरी को दो गुनी कर दी जाये तो इनके मध्य नया बल होगा
दो समान टेनिस बॉलों को, जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान $'m'$ और आवेश $'q'$ है को $'l'$ लम्बाई के धागों के साथ एक स्थिर बिन्दु से लटकाया गया है। यदि प्रत्येक धागा, ऊर्ध्वाधर से छोटा कोण $'\theta'$ बनाए तो साम्यावस्था में धागों के बीच पथकन का मान होगा।
दो आवेश वायु में एक-दूसरे से $d$ दूरी पर रखे हैं इनके बीच लगने वाला बल $F$ है। यदि इन्हें $2$ परावैद्युतांक वाले द्रव में डुबो दिया जाये (सभी स्थितियाँ समान रहें), तो अब इनके मध्य लगने वाला बल होगा
$4$ सेमी और $6$ सेमी की त्रिज्या के दो गोलों $A$ और $B$ को क्रमश: $80\,\mu C$ और $40\,\mu C$ आवेश दिया जाता है। इन दोनों को पतले तार से जोड़ा जाता है तो एक गोले से आवेश दूसरे गोले को जावेगा
विद्युत आवेशों के मध्य लगने वाले बलों से सम्बन्धित नियम है