रबर की दो ठोस गेंदें $A$ और $B$ जिनके द्रव्यमान क्रमश: $200$ व $400 $ ग्राम हैं, एक दूसरे की विपरीत दिशा में गतिशील हैं तथा   $A$ का वेग $0.3$  मी/सै है। संघट्ट के पश्चात् दोनों गेंदें स्थिर हो जाती हैं। गेंद $B$ का वेग ................ $\mathrm{m} / \mathrm{s}$ होगा

  • A

    $0.15$

  • B

    $1.5$

  • C

    $-0.15$

  • D

    उपरोक्त में से कोई नहीं

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द्रव्यमान $m$ का एक कण $x$ अक्ष का आरंभिक वेग $u \hat{ i }$ से चल रहा है। यह द्रव्यमान $10\, m$ के विरामावस्था में रखे हुए एक कण से प्रत्यास्थ टक्कर करता है और तत्पश्चात यह अपनी आरंभिक गतिज ऊर्जा की आधी ऊर्जा से चलता है (चित्र देखें)। यदि $\sin \theta_{1}=\sqrt{ n } \sin \theta_{2}$ तो $n$ का मान है $....$।

  • [JEE MAIN 2020]

एक गेंद क्षैतिजत: $10\,m/s$के वेग से ऊध्र्वाधर दीवार से टकराती है तथा $10\,m/s$ के वेग से वापस लौटती है तो

किसी गैस-पात्र में कोई अणु $200\, m s ^{-1}$ की चाल से अभिलंब के साथ $30^{\circ}$ का कोण बनाता हुआ क्षैतिज दीवार से टकराकर पुनः उसी चाल से वापस लौट जाता है। क्या इस संघट्ट में संवेग संरक्षित है ? यह संघट् प्रत्यास्थ है या अप्रत्यास्थ ?

किसी सरल लोलक की डोरी जब ऊध्र्वाधर से ${45^o}$ का कोण बनाती है तब लोलक के गोलक $A$ को छोड़ दिया जाता है। यह समान पदार्थ व समान द्रव्यमान के अन्य गोलक $B$ जो कि टेबिल पर विराम में है, से टकराता है। यदि संघट्ट प्रत्यास्थ हो, तो

एक पिण्ड जिसकी संहति $m$ तथा प्रारम्भिक वेग $v$ है, दूसरे पिण्ड जो कि स्थिर रखा है तथा जिसकी संहति $M$ है, से प्रत्यक्ष संघट्ट करता है। यदि संघट्ट के पश्चात् $m$ संहति वाला पिण्ड स्थिर हो जाये और केवल $M$ संहति वाला पिण्ड गति करे, तो यह संभव होगा जब