जब $1.0 kg$ द्रव्यमान को $50 cm$ लम्बाई की स्प्रिंग से लटकाया जाता है, तो स्प्रिंग $2 cm$ खिंच जाती है। यदि द्रव्यमान को तब तक नीचे खींचा जाये जब तक कि स्प्रिंग $60 cm$ लम्बी न हो जाये तो इस स्थिति में स्प्रिंग में संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा ............ $\mathrm{Joule}$ होगी (यदि $g = 10\;m/s)$
$1.5$
$2$
$2.5$
$3$
चाबी भरी हुई घड़ी की स्प्रिंग में संरक्षित ऊर्जा है
$5 \times {10^3}N/m$ स्प्रिंग नियतांक की स्प्रिंग को सामान्य स्थिति से $5\,cm$ खींचा जाता है। इसे $5\,cm$ और खींचने के लिए आवश्यक कार्य ............. $\mathrm{N-m}$ होगा
दो स्प्रिंग जिनके बल नियतांक ${k_1}$ व ${k_2}({k_1} > {k_2})$ हैं। यदि वे एकसमान बल से खींची जाती हैं, तो
एक स्प्रिंग, जिसका स्प्रिंग नियतांक $k$ है, को $1 \,cm$ तक खींचने पर इसकी स्थितिज ऊर्जा $U$ है। यदि इसे $4\, cm$ की दूरी तक खींचा जाये तो स्थितिज ऊर्जा होगी
चिकनी सतह पर रखे $m$ द्रव्यमान के एक गुटके को स्प्रिंग नियतांक $k$ की एक कमानी (जिसका द्रव्यमान नगण्य हैं) से जोड़ा गया है। कमानी का दूसरा सिरा चित्रानुसार, अचल है। आरंभ में गुटका अपनी साम्यावस्था में स्थायी है। यदि गुटके को एक नियत बल $F$ से खींचा जाए तो गुटके की अधितकम चाल होगी।