प्रोटॉनों का $1$ माइक्रोऐम्पियर का पुंज जिसका अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $0.5$ वर्ग मिलीमीटर है, $3 \times {10^4}m{s^{ - 1}}$ से गतिशील है। तब पुंज का आवेश घनत्व है

  • A

    $6.6 \times {10^{ - 4}}C/{m^3}$

  • B

    $6.6 \times {10^{ - 5}}C/{m^3}$

  • C

    $6.6 \times {10^{ - 6}}C/{m^3}$

  • D

    इनमें से कोई नहीं

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एक $100\, W$ सोडियम बल्ब (लैंप) सभी दिशाओं में एकसमान ऊर्जा विकिरित करता है। लैंप को एक ऐसे बड़े गोले के केंद्र पर रखा गया है जो इस पर आपतित सोडियम के संपूर्ण प्रकाश को अवशोषित करता है। सोडियम प्रकाश का तरंगदैर्घ्य $589\, nm$ है। $(a)$ सोडियम प्रकाश से जुड़े प्रति फ़ोटॉन की ऊर्जा कितनी है? $(b)$ गोले को किस दर से फ़ोटॉन प्रदान किए जा रहे हैं?

$1.0 \times {10^{14}}Hz$ आवृत्ति का एक विद्युत चुम्बकीय विकिरण, स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग में है। इसके एक फोटॉन की ऊर्जा जूल में होगी

किसी प्रकाश पुंज में ${\gamma _1}$ आवृत्ति के ${n_1}$ फोटॉन हैं। समान ऊर्जा के एक अन्य पुंज में, ${\gamma _2}$ आवृत्ति के ${n_2}$ फोटॉन हों, तो सत्य सम्बन्ध है

$5\; W$ का एक स्रोत $5000\;\mathring A$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश का उत्सर्जन करता है। $0.5\; m$ की दूरी पर रखने से यह एक प्रकाश संवेदी धात्विक तल से प्रकाशी इलेक्ट्रॉन मुक्त करता है। जब स्रोत को तल से $1\;m$ की दूरी पर ले जाया जाएगा, तो विमुक्त प्रकाशी इलेक्ट्रॉनों की संख्या

  • [AIPMT 2007]

एक छोटी वस्तु, जो प्रारम्भ में विराम अवस्था में है, प्रकाश की $100 \ ns$ की एक स्पन्द को पूर्णतया अवशोषित करती है। स्पन्द की शक्ति $30 \ mW$ है व प्रकाश की गति $3 \times 10^8 \ ms ^{-1}$ है। वस्तु का अन्तिम संवेग है :

  • [IIT 2013]