न्यूटन के अनुसार, किसी द्रव की पर्तों के बीच लगने वाला श्यान बल $F = - \eta A\frac{{\Delta v}}{{\Delta z}}$ होता है । जहाँ $A$ द्रव की सतह का क्षेत्रफल, $\Delta v/\Delta z$ वेग प्रवणता और $\eta $ श्यानता गुणांक है तब $\eta $ की विमा होगी
यदि $R$ तथा $L$ क्रमश: प्रतिरोध तथा स्वप्रेरकत्व दर्शाते हों, तो निम्न में से किस संयोजन की विमायें आवृत्ति की विमाओं के बराबर होंगी
आइए निम्नलिखित समीकरण पर विचार करे $\frac{1}{2} m v^{2}=m g h$ यहाँ $m$ वस्तु का द्रव्यमान, $v$ इसका वेग है, $g$ गुरुत्वीय त्वरण और $h$ ऊँचाई है। जाँचिए कि क्या यह समीकरण विमीय दृष्टि से सही है।
दो भौतिक राशियों $A$ तथा $\mathrm{B}$ की परिकल्पना कीजिये जो एक दूसरे से संबंध $E=\frac{B-x^2}{A t}$ के द्वारा संबंधित है जहाँ $\mathrm{E}, \mathrm{x}$ तथा $\mathrm{t}$ की विमाएँ क्रमशः ऊर्जा, लम्बाई तथा समय की विमाओं के समान है। $\mathrm{AB}$ की विमां है :
यदि बल $( F )$, लम्बाई $( L )$ तथा समय $( T )$ मूल राशियाँ हैं तब घनत्व की विमा क्या होगी ?