लम्बाई $'l'$ की एक एकसमान छड़ नगण्य त्रिज्या के एक ऊर्ध्वाधर डण्डे पर कीलकित (pivoted) है। जब यह डण्डा कोणीय गति $\omega$ से घूमता है तो छड़ इससे $\theta$ कोण बनाती है (चित्र देखें)। $\theta$ का मान ज्ञात करने के लिये हम छड़ के द्रव्यमान केन्द्र $(CM)$ के सापेक्ष इसके कोणीय संवेग में होने वाले परिवर्तन (जिसका मान $\frac{ m \ell^{2}}{12} \omega^{2} \sin \theta \cos \theta$ है और जिसकी दिशा इस तल के अन्दर की ओर है) को इस पर लगने वाले क्षैतिज $F _{ H }$ व ऊर्ध्वाधर $F _{ V }$ बलों के $CM$ के सापेक्ष आघूर्ण के बराबर लेते हैं। तब $\theta$ का मान ऐसा होगा कि ......।
$\cos \theta=\frac{g}{2 \ell \omega^{2}}$
$\cos \theta=\frac{3 g}{2 \ell \omega^{2}}$
$\cos \theta=\frac{2 g}{3 \ell \omega^{2}}$
$\cos \theta=\frac{g}{\ell \omega^{2}}$
एक मीटर पैमाना चाकू की नोक पर मध्य में संतुलित है जब दो सिक्के प्रत्येक का द्रव्यमान $10\,g$, को एक दूसरे के ऊपर $10.0\,cm$ चिन्ह पर रखा जाता है तो संतुलन लम्बाई $40.0\,cm$ प्राप्त होती है। मीटर पैमाने का द्रव्यमान $x \times 10^{-2}\,kg$ है। $x$ का मान है:
दो व्यक्ति $A$ तथा $B$ एक चौड़ी जलधारा के विपरीत तट पर खड़े है और एक $3.5 \,m$ चौड़ी जलधारा को पार करना चाहते हैं । दोनों के पास लकड़ी की दृढ़ तख्ती है जिनके द्रव्यमान नगण्य है | ये दोनों तख्ते $3$ मीटर (meter) से थोड़ी सी ज्यादा लम्बाई के है | उन्होने दोनों तख्तों को चित्रानुसार व्यवस्थित किया है | यदि $B$ जिसका द्रव्यमान $17 \,Kg$ है, तख्ते पर खड़ा हो तो तख्ते पर चलते हुए पार करने के लिये $A$ का महत्तम द्रव्यमान निम्नलिखित में से ......... $kg$ करीब होगा?
चित्रानुसार $R$ त्रिज्या के दो गोलक जिनके द्रव्यमान $m_1$ और $m_2$ है, $L$ लंबाई के दो रस्सियों से लटके हुए हैं $(R < < L)$ । उध्र्व के परिपेक्ष्य में $m_2$ जो $\theta$ कोण बनाती है, उसका मान निम्न होगा
$A B C$ एक समबाहु त्रिभुज है, जिसका केन्द्र $O$ है। $\vec{F}_{1}, \vec{F}_{2}$ तथा $\vec{F}_{3}$ क्रमशः $A B, B C$ तथा $A C$ दिशा में लगे बल हैं। यदि $O$ के परितः कुल बल-आघूर्ण (टॉक) शून्य हो तो, $\vec{F}_{3}$ का मान होगा
एक त्रिज्या $R$ तथा द्रव्यमान $M$ की एकसमान डिस्क केवल अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के लिये स्वतंत्र है। चित्रानुसार इस डिस्क की परिधि पर एक डोरी लपेटकर, डोरी के स्वतंत्र सिरे से एक द्रव्यमान $m$ को बाँधा गया है। यदि द्रव्यमान को स्थिरावस्था से छोड़ा जाता है तो उसका त्वरण होगा