यदि $e _{1}$ तथा $e _{2}$ क्रमशः दीर्घवृत्त $\frac{ x ^{2}}{18}+\frac{ y ^{2}}{4}=1$ तथा अतिपरवलय $\frac{x^{2}}{9}-\frac{y^{2}}{4}=1$ की उत्केंद्रताएँ है तथा $\left( e _{1}, e _{2}\right)$ दीर्घवृत्त $15 x ^{2}+3 y ^{2}= k$ पर स्थित एक बिन्दु है, तो $k$ का मान है
$15$
$14$
$17$
$16$
अतिपरवलय $H : x ^2- y ^2=1$ तथा दीर्घवृत $E : \frac{ x ^2}{ a ^2}+\frac{ y ^2}{ b ^2}=1, a > b > 0$ के लिए, माना
$(1)$ $E$ की उत्केन्द्रता, $H$ की उत्केन्द्रता की व्युत्क्रमणीय हैं, तथा
$(2)$ रेखा $y =\sqrt{\frac{5}{2}} x + K , E$ तथा $H$ की एक उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा है।
तब $4\left( a ^2+ b ^2\right)$ बराबर है
निम्नलिखित अतिपरवलयों के शीर्षों और नाभियों के निर्देशांकों, उत्केंद्रता और नाभिलंब जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
$\frac{x^{2}}{9}-\frac{y^{2}}{16}=1$
यदि अतिपरवलय $\frac{{{x^2}}}{4} - \frac{{{y^2}}}{9} = 1$ के बिन्दु $(2\sec \phi ,\;3\tan \phi )$ पर स्पर्श $3x - y + 4 = 0$ के समान्तर है, तब $f$ का मान ............. $^o$ है
माना अतिपरवलय $\mathrm{H}$ की नाभियाँ $\mathrm{A}(1 \pm \sqrt{2}, 0)$ तथा उत्केन्द्रता $\sqrt{2}$ है। तो $\mathrm{H}$ की नाभिलंब जीवा की लंबाई है :
एक वर्ग $ABCD$ के सभी शीर्ष वक्र $x ^{2} y ^{2}=1$ पर हैं। इसकी भुजाओं के मध्यबिंदु भी इसी वक्र पर हैं तो $ABCD$ के क्षेत्रफल का वर्ग है ............ |