यदि $A =\left\{1, a _1, a _2 \ldots \ldots a _{18}, 77\right\}$ पूर्णांको का एक समुच्चय है जिसमें $1 < a _1 < a _2 < \ldots . . < a _{18} < 77$ है। माना समुच्चय $A + A =\{ x + y : x , y \in A \}$ में ठीक $39$ अवयव है। तब $a_1+a_2+\ldots . .+a_{18}$ का मान होगा
$802$
$72$
$702$
$102$
यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रथम $p$ पदों का योग, प्रथम $q$ पदों के योगफल के बराबर हो तो प्रथम $(p+q)$ पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
श्रेढ़ी $20,19 \frac{1}{4}, 18 \frac{1}{2}, 17 \frac{3}{4}, \ldots,-129 \frac{1}{4}$ का अन्त से $20^ {वा }$ पद है :-
दो समान्तर श्रेणियों के $n$ पदों के योग का अनुपात $2n + 3:6n + 5$ है, तो इनके $13$ वें पदों का अनुपात होगा
चार संख्यायें समान्तर श्रेणी में हैं। यदि प्रथम तथा अंतिम पदों का योग $8$ है तथा दोनों मध्य पदों का गुणनफल $15$ है, तो श्रेणी की न्यूनतम संख्या होगी
माना कि एक समान्तर श्रेणी (arithmetic progression ($A.P.$)) के सभी पद धन पूर्णांक हैं । इस समान्तर श्रेणी में यदि पहले सात ($7$) पदों के योग और पहले ग्यारह ($11$) पदों के योग का अनुपात $6: 11$ है तथा सातवाँ पद $130$ और $140$ के बीच मं स्थित है, तब इस समान्तर श्रेणी के सार्व अन्तर (common difference) का मान है