यदि प्रकाश वेग $(c)$, सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक $[G]$, प्लांक नियतांक $[h]$ को मूल मात्रकों की तरह प्रयुक्त किया जाये तब इस नयी पद्धति में समय की विमा होगी
ऊर्जा घनत्व का व्यंजक निम्नवत है $u =\frac{\alpha}{\beta} \sin \left(\frac{\alpha x }{ kt }\right)$, जहाँ $\alpha$ एवं $\beta$ स्थिरांक हैं, $x$ विस्थापन है, $k$ वोल्टजमैन स्थिरांक है एवं $t$ तापमान है। $\beta$ की विमाऐं होंगी :
यदि $R$ तथा $L$ क्रमश: प्रतिरोध तथा स्वप्रेरकत्व दर्शाते हों, तो निम्न में से किस संयोजन की विमायें आवृत्ति की विमाओं के बराबर होंगी
न्यूटन के अनुसार, किसी द्रव की पर्तों के बीच लगने वाला श्यान बल $F = - \eta A\frac{{\Delta v}}{{\Delta z}}$ होता है । जहाँ $A$ द्रव की सतह का क्षेत्रफल, $\Delta v/\Delta z$ वेग प्रवणता और $\eta $ श्यानता गुणांक है तब $\eta $ की विमा होगी