यह दर्शाइए कि किसी ठोस की आयताकार शीट का क्षेत्र प्रसार गुणांक, $(\triangle A / A) / \Delta T$. इसके रैखिक प्रसार गुणांक $\alpha_l$, का दो गुना होता है।
Consider a rectangular sheet of the solid material of length $a$ and breadth $b$ . When the temperature increases by $\Delta T, a$ increases by $\Delta a=\alpha_{1} a\Delta T$ and $b$ increases by $\Delta b$ $=\alpha_{1} b \Delta T .$ the increase in area
$\Delta A =\Delta A_{1}+\Delta A_{2}+\Delta A_{3}$
$\Delta A =a \Delta b+b \Delta a+(\Delta a) \quad(\Delta b)$
$=a \alpha_{1} b \Delta T+b \alpha_{1} a \Delta T+\left(\alpha_{1}\right)^{2} a b(\Delta T)^{2}$
$ = {\alpha _1}ab\Delta T\left( {2 + {\alpha _1}\Delta T} \right) = {\alpha _1}A\Delta T(2 + {\alpha _1}\Delta T)$
since $\alpha_{1}=10^{-5} K ^{-1},$ from Table $11.1,$ the product $\alpha_{1} \Delta T$ for fractional temperature is small in comparision with 2 and may be neglected. Hence
$\left(\frac{\Delta A}{A}\right) \frac{1}{\Delta T} \simeq 2 \alpha_{l}$
यह ज्ञात है कि मोम जमने पर सिकुड़ता है। यदि पिघले हुए मोम को एक बड़े पात्र मे लेकर धीरे-धीरे ठंडा किया जाये तब
ठंडे प्रदेशों में जल-पाइप कभी-कभी फट जाते हैं। क्योंकि
मरकरी का आयतन प्रसार गुणांक $18 \times 10^{-5}{°C^{-1}}$ है। एक थर्मामीटर के बल्व का आयतन $10^{-6} m^3$ एवं दण्डी का अनुप्रस्थ काट $ 0.004\, cm^2$ है। यह मानते हुए कि बल्ब $0°C$ पर मरकरी से भरा हुआ है, तब मरकरी स्तम्भ की $100°C$ पर लम्बाई होगी
एक पेण्डुलम वाली घड़ी $0°C$ पर सही समय देती है। इसका औसत रेखीय प्रसार गुणांक $\alpha /^\circ C$ है। यदि ताप में वृद्धि $t°C$ हो, तब प्रतिदिन घड़ी द्वारा सेकण्डों में कमी होगी
एक काँच पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $153 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ एवं स्टील पात्र में मरकरी का आभासी प्रसार गुणांक $144 \times 10{^{-6}}{°C^{-1}}$ है। यदि स्टील के लिए a का मान $12 × 10 {^{-6}}{°C^{-1}}$ हो, तब ग्लास के लिए $\alpha$ का मान होगा