$0.047\, kg$ द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनिय के गोले को काफी समय के लिए उबलते जल से भरे बर्तन में रखा गया है ताकि गोले का ताप $100^{\circ}\, C$ हो जाए। इसके पश्चात् गोले को तुरन्त $0.14\, kg$ द्रव्यमान के ताँबे के ऊष्मामापी, जिसमें $20^{\circ}\,C$ का $0.25\, kg$ जल भरा है, में स्थानांतरित किया जाता है। जल के ताप में वृद्धी होती है तथा यह $23^{\circ}\, C$ पर स्थायी अवस्था ग्रहण कर लेता है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता परिकलित कीजिए।
Answer In solving this example, we shall use the fact that at a steady state, heat given by an aluminium sphere will be equal to the heat absorbed by the water and calorimeter.
Mass of aluminium sphere $\left(m_{1}\right)=0.047 kg$
Initial temperature ofaluminiumsphere $=100^{\circ} C$
Final temperature $=23^{\circ} C$
Change in temperature $(\Delta T)=\left(100^{\circ} C -23^{\circ} C \right)=77^{\circ} C$
Let specific heat capacity of aluminium be $s_{ Al }$.
The amount of heat lost by the aluminium sphere $=m_{1} s_{A l} \Delta T=0.047 kg \times s_{A l} \times 77^{\circ} C$
Mass of water $\left(m_{2}\right)=0.25 kg$
Mass of calorimeter $\left(m_{3}\right)=0.14 kg$
Initial temperature of water and calorimeter=20 $^{\circ} C$
Final temperature of the mixture $=23^{\circ} C$
Change in temperature $\left(\Delta T_{2}\right)=23^{\circ} C -20^{\circ} C =3^{\circ} C$
Specific heat capacity of water $\left(s_{w}\right)$
$=4.18 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}$
Specific heat capacity of copper calorimeter $=0.386 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}$
The amount of heat gained by water and calorimeter $=m_{2} s_{w} \Delta T_{2}+m_{3} s_{ ca } \Delta T_{2}$
$=\left(m_{2} s_{w}+m_{3} s_{ cu }\right)\left(\Delta T_{2}\right)$
$=\left(0.25 kg \times 4.18 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}+0.14 kg \times\right.$
$\left.0.386 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}\right)\left(23^{\circ} C -20^{\circ} C \right)$
In the steady state heat lost by the aluminium sphere $=$ heat gained by water + heat gained by calorimeter. So, $0.047 kg \times s_{ A 1} \times 77^{\circ} C$
$=\left(0.25 kg \times 4.18 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}+0.14 kg \times\right.$
$\left.0.386 \times 10^{3} J kg ^{-1} K ^{-1}\right)\left(3^{\circ} C \right)$
$s_{A t}=0.911 kJ kg ^{-1} K ^{-1}$
$40^{\circ} C$ पर $50 \,g$ पानी में $-20^{\circ} C$ पर रखी बर्फ मिलाते हैं। जब मिश्रण का तापमान $0^{\circ} C$ हो जाता है तो देखा जाता है कि $20 \,g$ बर्फ अभी भी जमी हुई है। पानी में मिलायी गयी बर्फ की मात्रा का सन्निकट मान $.......\,g$ था।
(जल की विशिष्ट ऊष्मा $=4.2 J / g /{ }^{\circ} C$, बर्फ की विशिष्ट ऊष्मा $=2.1 J / g /{ }^{\circ} C$)
$-20°C$ ताप पर स्थित $10\, gm$ बर्फ को एक कैलोरीमीटर में रखा जाता है, जिसमें $10°C$ ताप पर $10\, gm$ पानी है। पानी की विशिष्ट ऊष्मा बर्फ की विशिष्ट ऊष्मा से दो गुनी है। तापीय सन्तुलन की अवस्था में कैलोरी मीटर में होगा
अल्युमीनियम का एक टुकड़ा, जिसका द्रव्यमान $50 \,g$ है तथा प्रारम्भिक तापमान $300{ }^{\circ} C$ है, $1 \,kg$ पानीं जिसका प्रारम्भिक तापमान $30^{\circ} C$ है, में शीघ्रता से पूर्णत: डुबा कर निकाल लिया जाता है। यदि अल्युमीनियम के टुकड़े का तापमान पानी से तुरंत निकाले जाने के बाद $160^{\circ} C$ हो तो पानी का तापमान ................ $^{\circ} C$ होगा? (अल्युमीनियम तथा पानी की विशिष्ट ऊष्माएँ क्रमशः $900 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ तथा $4200 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ हैं)
यदि द्रव्यमान ऊर्जा समतुल्यता को ध्यान में रखा जाये तो जब बर्फ पिघलती है तो पानी का द्रव्यमान
$100°C$ ताप वाली भाप को, $0.02\, kg$ जल तुल्यांक वाले कैलोरी मीटर मे $15°C$ ताप पर भरे $1.1\, kg$ जल मे प्रवाहित किया जाता है। परिणाम स्वरूप कैलोरी मीटर एवं जल का ताप $80°C$ हो जाता है तब भाप का संघनित द्रव्यमान $kg$ में है