माना $a_1, a_2, \ldots ., a_n, \ldots$ वास्तविक संख्याओं की एक समांतर श्रेढ़ी है। यदि इस श्रेढ़ी के प्रथम पाँच पदों के योग का, प्रथम नौ पदों के योग से अनुपात $5: 17$ है तथा $110 < a_{15} < 120$ है, तो इस श्रेढ़ी के प्रथम दस पदों का योग है -
$290$
$380$
$460$
$510$
यदि किसी समांतर श्रेणी के प्रथम $p$ पदों का योग, प्रथम $q$ पदों के योगफल के बराबर हो तो प्रथम $(p+q)$ पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
यदि किसी समांतर श्रेणी $25,22,19, \ldots$ के कुछ पदों का योगफल $116$ है तो अंतिम पद ज्ञात कीजिए।
किसी कार्य के भाग को निश्चित दिनों में करने के लिए $150$ कामगार लगाये जाते हैं। दूसरे दिन $4$ कामगार हटा दिये जाते हैं तथा तीसरे दिन $4$ फिर हटा दिये जाते हैं। यह प्रक्रिया इसी प्रकार चलती रहती है। इस प्रकार कार्य सम्पादन के लिए $8$ दिन अधिक लगते हैं, तो उन दिनों की संख्या, जिनमें कार्य सम्पादन हुआ था, होगी
समान्तर श्रेढ़ी $b _{1}, b _{2}, \ldots, b _{ m }$ का सार्वअन्तर, समान्तर श्रेढ़ी $a _{1}, a _{2}, \ldots, a _{ n }$ के सार्वअन्तर से $2$ अधिक है यदि $a _{40}=- 159$, $a _{100}=-399$ तथा $b _{100}= a _{70}$, तो $b _{1}$ बराबर है
यदि एक समान्तर श्रेणी के प्रथम $n$ पदों का योग उसके प्रथम $m$ पदों के योग के बराबर हो $(m \ne n)$, तो उसके $(m + n)$ पदों का योग होगा