घन की आकृति वाले किसी पदार्थ का घनत्व, उसकी तीन भुजाओं एवं द्रव्यमान को माप कर, निकाला जाता है। यदि द्रव्यमान एवं लम्बाई कों मापने में सापेक्ष त्रुटियाँ क्रमशः $1.5 \%$ तथा $1 \%$ हो तो घनत्व को मापने में अधिकतम त्रुटि ......... $\%$ होगी
$3.5$
$4.5$
$6$
$2.5$
किसी टॉर्कमीटर (बलाघूर्ण मापी) को द्रव्यमान, लम्बाई एवं समय के मानकों के सापेक्ष में अंशशोधित (कैलिब्रेट) किया गया है, जिनमें प्रत्येक की शुद्धता $5 \%$ है। अंशशोधन के पश्चात्, इस टॉर्कमीटर में मापे गए बलाघूर्ण की परिणामी शुद्धता होगी $...........\%$
किसी सरल लोलक का आवर्तकाल, $T =2 \pi \sqrt{\frac{ L }{ g }}$ है। इस लोलक की मापित लम्बाई, जिसे उस मीटर स्केल से मापा गया है जिसका अल्पतमांश $1 \,mm$ है, $1.0\, m$ है, तथा इसके एक दोलन का समय, जिसे $0.01\, s$ का विभेदन कर सकने वाली विराम घड़ी द्वारा मापा गया है, $1.95 \,s$ है। $g$ का मान ज्ञात करने में होने वाली त्रुटि की प्रतिशतता होगी। ($\%$ में)
ठोस धातु के एक गोले के घनत्व को उसके द्रव्यमान तथा व्यास के द्वारा ज्ञात करते हैं। यदि द्रव्यमान तथा व्यास के मापन में सापेक्ष त्रुटियाँ क्रमशः $6.0 \,\%$ और $1.5\, \%$ हो तो गोले के व्यास में अधिकतम त्रुटि $\left(\frac{ x }{100}\right) \,\%$ हैं, और $x$ का मान हैं.....।
यदि $Z=A^{4} B^{1 / 3} / C D^{3 / 2}$ हो तो $Z$ की आपेक्षिक त्रुटि ज्ञात कीजिए।
राष्ट्रीय प्रयोगशाला में स्थित एक मानक घड़ी से तुलना करके दो घड़ियों की जाँच की जा रही है। मानक घडी जब दोपहर के $12:00:00$ का समय दर्शाती है, तो इन दो घड़यों के पाठ्यांक इस प्रकार हैं
घड़ी $1$ | घड़ी $2$ | |
सोमवार | $12:00:05$ | $10:15:06$ |
मंगलवार | $12:01:15$ | $10:14:59$ |
बुधवार | $11:59:08$ | $10:15:18$ |
बृहस्पतीवार | $12:01:50$ | $10:15:07$ |
शुक्रवार | $11:59:15$ | $10:14:53$ |
शनिवार | $12:01:30$ | $10:15:24$ |
रविवार | $12:01:19$ | $10:15:11$ |
यदि आप कोई ऐसा प्रयोग कर रहे हों जिसके लिए आपको परिशुद्ध समय अंतराल मापन की आवश्यकता है, तो इनमें से आप किस घडी को वरीयता देंगे? क्यों ?