विभानतार $V$, विधुत धारा $I$, पराविधुतांक $\varepsilon_0$, पारगम्यता $\mu_0$ तथा प्रकाश की चाल $c$ को मिलाकर विमीय रूप से सही विकल्प है (हैं)
$(A)$ $\mu_0 I ^2=\varepsilon_0 V ^2$ $(B)$ $\varepsilon_0 I =\mu_0 V$ $(C)$ $I =\varepsilon_0 cV$ $(D)$ $\mu_0 cI =\varepsilon_0 V$
किसी वियुक्त निकाय में किसी गैस के अणुओं द्वारा किया गया कार्य $W =\alpha \beta^{2} e ^{-\frac{x^{2}}{\alpha kT }}$ द्वारा निरूपित किया गया है, यहाँ $x$ विस्थापन, $k$-बोल्ट्ज़मान नियतांक तथा $T$ ताप है। $\alpha$ और $\beta$ स्थिरांक हैं। $\beta$ की विमा होंगी।
भौतिक स्थिरांकों के निम्नलिखित संयोजन से (अपने साधारण प्रयोग में लिये गये चिन्हों द्वारा प्रदर्शित), केवल वह संयोजन, जो कि इकाइयों के विभित्र निकायों में एक ही मान रखता है
बरनौली प्रमेय के अनुसार $P + \frac{1}{2}\rho {V^2} + \rho gh = K$ (नियतांक) $K/P$ की विमाऐं निम्न में से किसके समान होगी
यदि समय $(t)$, वेग $(v)$, और कोणीय संवेग $(l)$ को मूल मात्रकों के रूप में लिया गया है, तब $t, v$ और $l$ के पदों में द्रव्यमान $( m )$ की विमाएं होंगी।