$50$सेमी लम्बी तथा $5$सेमी. $ 2$ परिच्छेद क्षेत्रफल वाली एक छड़ में ऊष्मा प्रवाहित हो रही है। इसके सिरे क्रमश: ${25^o}C$ एवं ${125^o}C$ पर है। छड़ के पदार्थ का ऊष्मा चालकता गुणांक $0.092$ किलो कैलोरी /मी.$ \times $सैकन्ड$ \times $$^o$से है। छड़ में ताप प्रवणता है
${2^o}C/cm$
${2^o}C/m$
${20^o}C/cm$
${20^o}C/m$
एक पतले कागज का प्याला जो कि पानी से भरा है, ज्वाला के ऊपर रखने पर जलता नहीं है, क्योंकि
विभिन्न पदार्थों की दो छड़ों के सिरों जिनकी ऊष्मीय चालकताएँ, अनुप्रस्थ काट की त्रिज्याएँ एवं लम्बाइयाँ $1 : 2$ के अनुपात में हैं, को समान तापान्तर पर रखा गया है। यदि बढ़ी छड़ में प्रवाहित ऊष्मा की दर $4$ कैलोरी/सैकण्ड है तो छोटी छड़ में प्रवाहित ऊष्मा की दर होगी (कैलोरी/सैकण्ड में)
खाना पकाने के बर्तन के लिए सबसे उपयुक्त वह होगा जिसके लिये
दो समरूपी आयताकार गुटकों को दर्शाये चित्रानुसार दो विन्यासों $I$ और $II$ में व्यवस्थित किया गया है। गुटकों की ऊष्मा चालकता $k$ व $2 k$ है। दोंनो विन्यासों में $x$-अक्ष के दोंनो छोरों पर तापमान का अन्तर समान है। विन्यास $I$ में, ऊष्मा की एक निश्चित मात्रा गरम छोर से ठण्डे छोर तक अभिगमन में $9 s$ लेती है। विन्यास $II$ में, समान मात्रा की ऊष्मा के अभिगमन के लिए समय है :
भिन्न धातुओं के बने बर्तन बिल्कुल एक से हैं। दोनों में समान मात्रा की बर्फ भरी है। इनमें भरा बर्फ क्रमश $20$ मिनट तथा $30$ मिनट में पूरी तरह पिघल जाता है। इनकी ऊष्मा चालकताओं का अनुपात होगा