श्रेणी $.9 + .09 + .009.........$ के $100$ पदों का योग होगा
$1 - {\left( {\frac{1}{{10}}} \right)^{100}}$
$1 + {\left( {\frac{1}{{10}}} \right)^{100}}$
$1 - {\left( {\frac{1}{{10}}} \right)^{106}}$
$1 + {\left( {\frac{1}{{10}}} \right)^{106}}$
किसी गुणोत्तर श्रेणी के प्रथम दो पदों का योग $1$ है तथा इस श्रेणी का प्रत्येक पद अपने पूर्व के पद का दुगना है, तो इसका प्रथम पद होगा
गुणोत्तर श्रेणी के तीन क्रमागत पदों का योग $38$ तथा उनका गुणनफल $1728$ है, तब श्रेणी का महत्तम पद होगा
माना धनात्मक संख्याएँ $\mathrm{a}_1, \mathrm{a}_2, \mathrm{a}_3, \mathrm{a}_4$ तथा $\mathrm{a}_5$ एक $G.P.$ में है। माना इसके माध्य तथा प्रसरण क्रमशः $\frac{31}{10}$ तथा $\frac{\mathrm{m}}{\mathrm{n}}$ है, जहाँ $\mathrm{m}$ तथा $\mathrm{n}$ असभाज्य हैं। यदि इन संख्याओं के व्युत्क्रमों का माध्य $\frac{31}{40}$ है तथा $a_3+a_4+a_5=14$ है, तो $m+n$ बराबर है_____________।
यदि $a$ व $b$ समीकरण ${x^2} - 3x + p = 0$ के मूल हैं तथा $c$ व $d$ समीकरण ${x^2} - 12x + q = 0$ के मूल हैं, जहाँ $a,\;b,\;c,\;d$ एक वर्धमान गुणोत्तर श्रेणी बनाते हैं, तब $(q + p):(q - p)$ का अनुपात है
यदि धनात्मक पदों की एक गुणोत्तर श्रेढ़ी के दूसरे, तीसरे तथा चौथे पदों का योगफल $3$ है तथा इसके छठे, सातवें और आठवें पदों का योगफल $243$ है, तो इस गुणोत्तर श्रेढ़ी के प्रथम $50$ पदों का योगफल है