तीन द्रव्यमान $M=100\,kg , m _1=10\,kg$ एवं $m _2=$ $20\,kg$ एक निकाय में चित्रानुसार व्यवस्थित हैं। सभी तल (पृष्ठ) घर्षणरहित हैं एवं रस्सी हल्की (भारहीन) एवं अप्रत्यास्थ है। घिरनी भी हल्की (भारहीन) एवं घर्षणरहित है। निकाय पर एक बल $F$ इस प्रकार आरोपित होता है कि द्रव्यमान $m _2, 2$ $ms ^{-2}$ के त्वरण से ऊपर की तरफ गति करता है। $F$ का मान $...........\,N$ होगा :(माना $g =10\,ms ^{-2}$ )
$3360$
$3380$
$3120$
$3240$
किसी कोमल क्षैतिज फर्श पर $2\, kg$ संहति का लकड़ी का गुटका रखा है (चित्र)। जब इस गुटके के ऊपर $25\, kg$ संहति का लोहे का बेलन रखा जाता है तो फर्श स्थिर गति से नीचे धँसता है तथा गुटका व बेलन एक साथ $0.1\, m s ^{-2}$ त्वरण से नीचे जाते हैं । गुटके की फर्श पर क्रिया $(a)$ फर्श के धँसने से पूर्व तथा $(b)$ फर्श के धँसने के पश्चात् क्या है ? $g = 10\, m s ^{-2}$ लीजिए । समस्या में क्रिया-प्रतिक्रिया युगलों को पहचानिए ।
$10$ गेंदो का निकाय एक द्रव्यमानहीन तथा अवितान्य रस्सी से जोड़कर बनाया गया है, जहाँ प्रत्येक गेंद का द्रव्यमान $2\,kg$ है। निकाय को एक चिकनी टेबल के कोने से चित्रानुसार फिसलने दिया जाता है। जब $6^{\text {th }}$ गेंद टेबल को छोड़ती है उसी क्षण पर $7^{\text {th }}$ तथा $8^{\text {th }}$ गेंद के बीच रस्सी में तनाव $( N$ में) होगा
चित्रानुसार तीन गुटके $A,\,B$ व $C$ जिनके द्रव्यमान क्रमश: $1, 8$ व $27$ किग्रा हैं, एक अवितान्य डोरी से जुडे़ हैं तथा चिकने तल पर गति कर रहे हैं। यदि ${T_3} = 36N$ है, तो ${T_2}$ ........ $N$ है
दो गुटके चित्र में दिखायें गये अनुसार डोरी से लटके हैं। ऊपरी गुटका एक अन्य डोरी से लटका है। ऊपरी डोरी पर बल $F$ लगाकर दोनों गुटकों में ऊपर की ओर $2\,m/{s^2}$ का त्वरण उत्पन किया जाता है। यदि डोरी के दोनों भागों में तनाव $T$ व $T'$ हो तो $T$ व $T'$ ....
आनत कोण $\theta$ के किसी चिकने आनत वेज $ABC$ पर $m$ द्रव्यमान का कोई ब्लॉक चित्रानुसार स्थित है । इस वेज को दार्यी ओर कोई त्वरण $'a'$ दिया जाता है । ब्लॉक को वेज पर स्थिर रखने के लिए $a$ और $\theta$ के बीच संबंध होगा