तीन विद्यार्थी $S_{1}, S_{2}$ तथा $S_{3}$ गुरूत्वीय त्वरण $( g )$ के मापन के लिये सरल लोलक की सहायता से एक प्रयोग करते है। वे अलग-अलग लम्बाई के लोलको का उपयोग करते है तथा दोलनों की भिन्न-भिन्न संख्या के लिये समय दर्ज करते है। ये प्रेक्षण निम्न तालिका में दिये गये है
Student No. | Length of pendulum $(cm)$ | No. of oscillations $(n)$ | Total time for oscillations | Time period $(s)$ |
$1.$ | $64.0$ | $8$ | $128.0$ | $16.0$ |
$2.$ | $64.0$ | $4$ | $64.0$ | $16.0$ |
$3.$ | $20.0$ | $4$ | $36.0$ | $9.0$ |
(लम्बाई का अल्पतमांक $=0.1 \,m$ समय का अल्पतमांक $=0.1\, s$ )
यदि $E _{1}, E _{2}$ तथा $E _{3}$ क्रमशः विद्यार्थी $1,2$ व $3$ के लिये ' $g$ ' में प्रतिशत त्रुटि हो तो किस विद्यार्थी द्वारा न्यूनतम प्रतिशत त्रुटि प्राप्त की गयी?
$4$
$3$
$1$
सभी में समान
एक शंकु की विमायें अल्पत्मांक $2 \ mm$ के एक पैमाने से मापे जाने पर उसके आधार का व्यास तथा ऊँचाई, दोनों, $20.0 \ cm$ पाये जाते हैं। इस शंकु का आयतन ज्ञात करने में अधिकतम प्रतिशत त्रुटि का मान .......... होगा|
एक प्रयोग में, एक पिंड के द्रव्यमान को एक ज्ञात बल लगा कर और इससे उत्पन्न त्वरण को माप कर ज्ञात किया जाता है । यदि प्रयोग में लगाए गए बल एवं मापे गए त्वरण का मान क्रमश: $10.0 \pm 0.2 \,N$ एवं $1.00 \pm 0.01 \,m / s ^2$ है, तो पिंड का द्रव्यमान ............. $kg$ होगा:
प्रतिरोध $\mathrm{R}=\frac{\mathrm{V}}{\mathrm{I}}$, जहाँ $\mathrm{V}=(200 \pm 5) \mathrm{V}$ एवं $\mathrm{I}=(20 \pm 0.2) \mathrm{A}$ है। $\mathrm{R}$ के मापन में प्रतिशत त्रुटि है:
$100$ प्रेक्षणों के समान्तर माध्य में यादृच्छिक त्रुटि $(random\, error) x$ है, तो $400$ प्रेक्षणों के समान्तर माध्य में यादृच्छिक त्रुटि होगी
ऊष्मा के जूल नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा $H = {I^2}\,Rt$ जहाँ $I$ धारा, $R$ प्रतिरोध तथा $t$ समय है। यदि $I, R$ तथा $t$ के मापन में त्रुटियाँ क्रमश: $3\%, 4\%$ तथा $6\%$ हैं तो $H$ के मापन में त्रुटि है