चित्र में दर्शाए गए निकाय की स्थायी अवस्था में स्टील-ताँबा संधि का ताप क्या है ? स्टील छड़ की लंबाई $=15.0\, cm ,$ ताँबे की छड़ की लंबाई $=10.0\, cm ,$ भट्ठी का ताप $=300^{\circ} C$, दूसरे सिरे का ताप $=0^{\circ} C$; स्टील की छड़ की अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल ताँबे की छड़ की अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल का दो गुना है। (स्टील की ऊष्मा चालकता $= 50.2 \,J$ $s ^{-1} m ^{-1} K ^{-1}$; तॉ बे की ऊरमा चालकतT $=$ $385\, J\, s ^{-1} m ^{-1} \,K ^{-1})$
$\frac{K_{1} A_{1}(300-T)}{L_{1}}=\frac{K_{2} A_{2}(T-0)}{L_{2}}$
where $1$ and $2$ refer to the steel and copper rod respectively. For
$A_{1}=2 A_{2}, L_{1}=15.0 cm$
$L_{2}=10.0 cm , K_{1}=50.2 J s ^{-1} m ^{-1}$$K ^{-1}, K_{2}=385 J$
$s ^{-1} m ^{-1} K ^{-1},$ we have
$\frac{50.2 \times 2(300-T)}{15}=\frac{385 T}{10}$
which gives $T=44.4^{\circ} C$
$2\, L$ लम्बाई की एक छड़ $AB$ के दो सिरों के बीच तापान्तर $120^{\circ} C$ रखा गया है। एक और इसी अनुप्रस्थ काट की $\frac{3 L }{2}$ लम्बाई की मुड़ी हुयी छड़ $PQ$ को चित्रानुसार $AB$ से जोड़ा गया है। स्थिरावस्था में $P$ तथा $Q$ के बीच तापमान के अंतर का सन्निकट मान .......... $^oC$ होगा :
लकड़ी का गुटका एवं लोहे का गुटका एक मनुष्य को समान रूप से ठन्डे अथवा अथवा गर्म प्रतीत होते हैं। लकड़ी एवं लोहे के गुटकों के ताप हैं
एक समान अनुप्रस्थकाट एवं $3.1$ मीटर लम्बी एक ताम्र छड़ का एक सिरा बर्फ के सम्पर्क में है, एवं दूसरा सिरा $100°C$ वाले जल में रखा है। इसकी लम्बाई के अनुदिश किस बिन्दु पर $200°C$ ताप बनाये रखा जाये, ताकि स्थायी अवस्था में जितनी मात्रा बर्फ की पिघलती है, उतनी ही मात्रा समान समयान्तराल में बनी भाप की हो। यह मानते हुए कि सम्पूर्ण निकाय एवं परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई स्थानान्तरण नहीं होता है। बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा एवं जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा क्रमश: $80cal/gm$ एवं $540 cal/gm$ है
एक चकती समान मोटाई की ताँबे और पीतल की चकतियों से मिलकर बनी है, इनकी ऊष्मा चालकताओं का अनुपात $1 : 4$ है। यदि पीतल का धरातल ${100^o}C$ पर और ताँबे का $0^o C $ पर है, तो अन्त: सन्धि का ताप ....... $^oC$ होगा
एक $20$ ओह्य के प्रतिरोध के हीटर द्वारा कमरे का ताप${20^o}C$ नियत रखा जाता है। हीटर को $200$ वोल्ट मेन्स से संयोजित रखकर कमरे का ताप सर्वत्र समान रखा जाता है। ऊष्मा एक काँच की खिड़की से निर्गत होती है। काँच की मोटाई $0.2$ सेमी और क्षेत्रफल $1$ मीं$^2$ है। बाह्य का ताप ........ $^oC$ होगा, यदि कांच की ऊष्मा चालकता $K = 0.2cal/m/^\circ C/sec$ तथा $J = 4.2 J/cal$