जब $I$ तीव्रता के एकवर्णी विकिरण, किसी धातु की सतह पर टकराते हैं तो, फोटॉनों की संख्या और उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमश : $N$ और $T$ है। यदि विकिरणों की तीव्रता $2 I$ हो तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या और उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा क्रमशः होंगे
$N $ और $2T$
$2N$ और $T$
$2N $ और $2T$
$N$ और $T$
एक $2 \,mW$ लेजर की तरंगदैर्ध्य $500\, nm$ है। इससे निकलने वाले प्रति सेकण्ड फोटॉनों की संख्या होगी।
[दिया है, प्लांक नियतांक $h =6.6 \times 10^{-34} \,Js$, प्रकाश की चाल $c =3.0 \times 10^{8} \,m / s$ ]
फोटॉन का वेग समानुपाती है (यहाँ $n$ आवृत्ति है)
एक छोटी वस्तु, जो प्रारम्भ में विराम अवस्था में है, प्रकाश की $100 \ ns$ की एक स्पन्द को पूर्णतया अवशोषित करती है। स्पन्द की शक्ति $30 \ mW$ है व प्रकाश की गति $3 \times 10^8 \ ms ^{-1}$ है। वस्तु का अन्तिम संवेग है :
प्रकाश वैद्युत प्रभाव में
$A$. प्रकाश धारा, आपतित विकिरण की तीव्रता के अनुक्रमानुपाती होती है।
$B$. जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है।
$C$. जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है।
$D$. प्रकाश इलेक्ट्रोंनों के उत्सर्जन के लिए आपतित विकिरण की एक न्यूनतम देहली तीव्रता आवश्यक होती है।
$E$. प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा,आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर नहीं करती। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
निम्न में से क्या सही है (यहाँ संकेतों के सामान्य अर्थ हैं)