कोई लोहार किसी बैलगाड़ी के लकड़ी के पहिए की नेमी पर लोहे की रिंग जड़ता है। $27^{\circ} C$ पर नेमी तथा लोहे की रिंग के व्यास क्रमश: $5.243\, m$ तथा $5.231\, m$ हैं। लोहे की रिंग को किस ताप ($^oC$) तक तप्त किया जाए कि वह पहिए की नेमी पर ठीक बैठ जाए।
$186$
$218$
$293$
$312$
एक धात्विक छड़ की $0°C$ पर लम्बाई $5m$ है। इसे $100°C$ तक गर्म करने पर इसकी लम्बाई $5.01\,m$ हो जाती है। धातु का रेखीय प्रसार गुणांक है
जब वाष्प द्रव में संधनित होती है, तब
यदि $30°C$ ताप पर $1.0 \,cm$ व्यास वाले एक बेलन को एक अन्य स्टील प्लेट में बने $0.9997\, cm$ व्यास वाले छिद्र में समान ताप पर फिट करना है, तब प्लेट के ताप में आवश्यक वृद्धि ....... $^oC$ है (स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक $ = 12 \times {10^{ - 6}}°C^{-1}$)
एक क्रिस्टल का एक निश्चित दिशा में रेखीय प्रसार गुणांक ${\alpha _1}$ है। एवं इस दिशा के लम्बवत् प्रत्येक दिशा में रेखीय प्रसार गुणांक ${\alpha _2}$ है। आयतन प्रसार गुणांक का मान है
समान लंबाई परन्तु अलग-अलग त्रिज्याओं वाले दो बेलनाकार चालक (cylindrical conductors) श्रेणीक्रम में (in series) दो ऊष्माशयों (heat baths) के बीच में जोड़े गए हैं, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। इन ऊष्माशयओं का तापमान $T_1=300 \ K$ और $T_2=100 \ K$ हैं। बडेे चालक की त्रिज्या छोटे चालक की त्रिज्या की दोगुनी है। छोटे चालक की ऊष्मा चालकता (thermal conductivity) $K_1$ है और बड़े चालक की ऊष्मा चालकता $K_2$ है। यदि स्थायी अवस्था (steady state) में, बेलनों के संधि (junction) का तापमान $2000 \ K$ हो, तब $K_1 / K_2$ का मान .............. होगा।