दर्शाइए कि किसी समांतर श्रेणी के $(m+n)$ वें तथा $(m-n)$ वें पदों का योग $m$ वें पद का दुगुना है।
Let $a$ and $d$ be the first term and the common difference of the $A.P.$ respectively. It is known that the $k^{th}$ term of an $A.P.$ is given by
$a_{k}=a+(k-1) d$
$\therefore a_{m+n}=a+(m+n-1) d$
$a_{m-n}=a+(m-n-1) d$
$a_{m}=a+(m-1) d$
$\therefore a_{m+n}+a_{m-n}=a+(m+n-1) d+a+(m-n-1) d$
$=2 a+(m+n-1+m-n-1) d$
$=2 a+(2 m-2) d$
$=2 a+2(m-1) d$
$=2[a+(m-1) d]$
$=2 a_{m}$
Thus, the sum of $(m+n)^{t h}$ and $(m-n)^{t h}$ terms of an $A.P.$ is equal to twice the $m^{\text {th }}$ term.
तीन संख्यायें समान्तर श्रेणी में हैं जिनका योगफल $33$ है एवं गुणनफल $792$ है, तो इनमें से सबसे छोटी संख्या है
यदि $x, y, z$ एक समांतर श्रेढी में हैं तथा $\tan ^{-1} x, \tan ^{-1} y$ एवं $\tan ^{-1} z$ भी समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो
यदि $a$ तथा $b$ के मध्य $n$ समान्तर माध्य इस प्रकार प्रविष्ट किये जाते है कि प्रथम माध्य तथा अंतिम माध्य का अनुपात $1: 7$ तथा $a+n=33$ है, $n$ का मान है
माना $\mathrm{x}_1, \mathrm{x}_2 \ldots, \mathrm{x}_{100}$ एक समांतर श्रेणी में हैं, जिनका माध्य 200 है तथा $x_1=2$ है। यदि $y_i=i\left(x_i-i\right), 1 \leq i \leq 100$ हैं, तो $\mathrm{y}_1, \mathrm{y}_2, \ldots \ldots, \mathrm{y}_{100}$ का माध्य है
$m$ संख्याओं को $1$ तथा $31$ के रखने पर प्राप्त अनुक्रम एक समांतर श्रेणी है और $7$ वीं एव $(m-1)$ वीं संख्याओं का अनुपात $5: 9$ है। तो $m$ का मान ज्ञात कीजिए।