एक ट्यूब की लम्बाई $\ell$ तथा त्रिज्या $r$ है। इसमें टॉरपीन का तेल बहता है। ट्यूब के दोनों सिरों का दाबान्तर $p$ है तथा श्यानता गुणांक है
$\eta=\frac{p\left(r^{2}-x^{2}\right)}{4 v l}$
जहाँ ट्यूब के अक्ष से $x$ दूरी पर तेल का वेग $v$ है। $\eta$ की विमायें हैं
$\left[ {M{L}{T^{ - 1}}} \right]$
$\left[ M^0L^0T^0 \right]$
$\left[ {M{L^{ - 1}}{T^{ - 1}}} \right]$
$\left[ {M{L^{ 2}}{T^{ - 2}}} \right]$
मान लीजिये कि एक इकाई प्रणाली में द्रव्यमान तथा कोणीय संवेग विमा (dimensionless) रहित है। यदि लम्बाई की विमा $L$ हो तब निम्नलिखित कथनों में से कौनसा (से) सही है( हैं) ?
$(1)$ बल की विमा (dimension) $L ^{-3}$ है।
$(2)$ ऊर्जा की विमा (dimension) $L ^{-2}$ है।
$(3)$ शक्ति की विमा (dimension) $L ^{-5}$ है।
$(4)$ रेखीय संवेग की विमा (dimension) $L ^{-1}$ है।
यदि $R$ तथा $L$ क्रमश: प्रतिरोध तथा स्वप्रेरकत्व दर्शाते हों, तो निम्न में से किस संयोजन की विमायें आवृत्ति की विमाओं के बराबर होंगी
सूत्र $X = 3Y{Z^2}$ में $X$ और $Z$ क्रमश: धारिता और चुम्बकीय क्षेत्र की विमायें हैं। $MKSQ$ पद्धति में $Y$ की विमायें हैं
यदि $a$ त्रिज्या का एक गोला $v$ चाल से $\eta$ श्यानता नियताकं के एक द्रव में चलता है, तो स्टोक के नियमानुसार (Stoke's Law) उस पर $F$ श्यानता बल लगता है, जिसे निम्न समीकरण से दिखाया गया है : $F=6 \pi \eta a v$ यदि यह द्रव एक बेलनाकार नली, जिसकी त्रिज्या $r$, लंबाई 1 , एवं दोनों सिरों पर दाबांतर $P$ है, के अंदर बह रहा है, तब जल का $t$ समय में बहा हुआ आयतन निम्न प्रकार से लिखा जा सकता है:
$\stackrel{v}{t}=k\left(\frac{p}{l}\right)^a \eta^b r^c \text {, }$
जहाँ $k$ एक विमाहीन स्थिरांक है । $a, b$ एवं $c$ के सही मान निम्नलिखित हैं:
कोहरे की स्थिति में वह दूरी $d$, जहाँ से सिग्नल स्पष्ट रूप से दिखाई दे, जानने के लिए एक रेलवे इंजीनियर विमीय विश्लेषण का प्रयोग करता है। उसके अनुसार यह दूरी $d$ कोहरे के द्रव्यमान घनत्व $\rho$ सिग्नल के प्रकाश की तीव्रता $S$ (शक्ति/क्षेत्रफल) तथा उसकी आवृत्ति $f$ पर निर्भर है। यदि इंजीनियर $d$ को $S ^{1 / n}$ के समानुपाती पाता है, तब $n$ का मान है :